Love_Story

#Love_Story
कल संडे की वजह से सुबह देर से सोकर उठा तो देखा कि गर्लफ्रेंड के 8 मिस्ड कॉल्स थे...,
व्हाट्सएप चेक किया तो उसने वहाँ मैसेज किया था...,“Hey Pickup Di Fone..., Dad Milna Chahte Hai Tumse..."

मैंने कॉलबैक किया तो उसने कहा कि 2-2.30 बजे तक घर आ जाओ पापा कुछ बात करना चाहते हैं तुमसे...,
मैं काफ़ी एक्साइटेड था...,मैं अच्छे से तैयार होकर 2 बजे उसके घर पहुंचा...,तो देखा उसके पापा पूरी फैमिली के साथ बाहर हॉल में ही बैठे थे...,

मुझे देखते ही उन्होंने मेरा अच्छा सा वेल्कम किया...,उसके घरवाले मुझे देखकर काफ़ी खुश थे...,
खासकर उसकी मम्मी मुझसे काफ़ी बातें कर रही थी...,और उसकी दो छोटी बहनें अभी से मुझे जीजू जीजू कहकर मज़ाक़ करने लगी थी...,

फिर हालचाल और कॉफ़ी के बाद उसके पापा ने बाकी लोगों ने अंदर जाने के लिए कहा...,
और मुझसे कहा कि बेटा अकेले में तुमसे कुछ बातें करनी हैं...,फिर बाकी लोग अंदर चले गए...,अब हॉल में सिर्फ मैं और उसके पापा ही थे...,

मैंने कहा...,“कहिए अंकल क्या कहना था...?"
अंकल बोलने लगे...,“बेटा तुम काफ़ी अच्छे लड़के हो...,हर लड़की तुम्हारे जैसे लड़के को जीवनसाथी चुनना चाहेगी...,हर बाप भी चाहेगा कि उसका जमाई तुम्हारे जैसा स्मार्ट...,इंटेलिजेंट... और ऑनेस्ट हो...,"

मैंने कहा...,“बात को घुमाइये मत अंकल...,जो भी कहना है तो सीधे पॉइंट पर आइये...,"

अंकल आगे कहने लगें...,
“बेटा 20 साल पहले मैंने अपने एक दोस्त को जुबान दी थी कि मैं अपनी पहली बेटी की शादी उसके बेटे से ही से कराऊँगा...,
बेटा हम लोग जिस खानदान से हैं वहाँ ज़ुबान की बहुत कीमत होती है...,अगर मैं अपने जुबान से मुकर गया तो मेरी बहुत बदनामी होगी...,"

“ये बात मेरी बेटी और फैमिली को नहीं पता है...,और वो किसी भी कीमत पर तुमको छोड़ना नहीं चाहती...,अब एक तुम ही हो जो उसे समझा सकते हो...,
बेटा अब मेरे खानदान की लाज़ और मेरे ज़ुबान की शान तुम्हारे बी हाँथो में है आगे तुम्हारी मर्जी...,”

मैंने भी सोचा...,सही बात है अपने निजी स्वार्थ के लिए मैं किसी के इज़्ज़त को दांव पर कैसे लगा सकता हूँ...,
मैंने कहा...,“मैंने कहा ठीक है अंकल...,
अगर ऐसी बात है तो...,मैं खुद उससे दूर हो जाऊँगा बाकी आप समझा लेना...,"

अंकल खुशी से झूम उठे और कहने लगें...,
“बेटा मैं ज़िंदगी भर तुम्हारा एहसान नहीं भूलूँगा...,जिंदगी में कभी भी कोई भी ज़रूरत हो तो बस एकबार कहना मुझे...,"
मैंने कहा...,“ऐसी कोई बात नहीं अंकल अब मुझे इजाज़त दें निकलता हूँ...,"

वहाँ से निकलने लिए के पीछे घुमा ही था कि अचानक मुझे कुछ याद आया और मैं फिर उनकी तरफ मुड़कर कहा...,“अंकल अगर आप ज़ुबान के इतने पक्के हैं तो मुझे भी आज आपसे एक वचन चाहिए...,क्या मैं वो वचन आपसे से ले सकता हूँ...?”

अंकल बोलें...,“क्यों नहीं बेटा बस तुम बोलो वचन क्या है...,मैं तो तुम्हारा आभारी हो गया हूँ...,?

मैंने कहा...,
“अंकल आभारी मत बनिए...,
अगर कुछ कर सकते हैं तो...,इसबार लोकसभा चुनाव में आप अपना वोट मोदीजी को ही दें इसके साथ साथ में अपने परिवार औऱ सगे संबंधियों का वोट भी मोदीजी को ही दिलवाएं...,”

नमो अगेन..., 

चलता हूँ अंकल...,नमस्ते...🙏😊

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